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जाड़े की कच्ची धूप

Posted On: 26 Nov, 2014 Others,कविता में

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holly

पेड़ो के झुरमुट से छनकर , आती हुई सूरज की  किरणें

मेरे आँगन में लाती हैं , जाड़े के धूप की लकीरें


देख उनको महसूस होता है , अंतर्मन की गहराइयों में

जिंदगी भी तो है , ऐसी ही जाड़े के कच्ची धूप की किरिचें


वक्त लगता है , दुःख की चादरें सूखने  में

पर धूप दिखाने लगते है , सुख की रजाइयों में


रिश्तों सा ठंडापन रह जाता है , सूखे कपड़ों में

पर आस की गर्माहट का एहसास होता है , बदन में



धुली हुई छत गीली रह जाती है , अरमानों के आंसुओं में

पर तिपाइयाँ रख मुस्कुराती बरनियों को दिखाते हैं , धूप में


सुरसुरी सी ये हवाएं , स्वार्थ सा रूखापन लाती है , जिस्म में

पर पिघल जाता है मन गरी के तेल सा , धूप की ज़रा सी तपिश में


हर एक का अपना – अपना अनुभव होता है , जिंदगी में

पर सुकून मिलता है सभी को , जाड़े की कच्ची धूप में

http://knowledgegainlekhani.blogspot.in/search/label/Feeling-kavita



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10 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

sadguruji के द्वारा
November 26, 2014

बहुत सुन्दर और सार्थक कविता ! बहुत बहुत अभिनन्दन व् बधाई !

vandana singh के द्वारा
November 26, 2014

धन्यवाद sadguru ji

Ravinder kumar के द्वारा
November 29, 2014

वंदना जी, सादर नमन. जाड़े की धूप होती ही ख़ास है. बेहतरीन रचना के लिए बधाई.

vandana singh के द्वारा
November 29, 2014

धन्यवाद Ravinder ji

jlsingh के द्वारा
November 30, 2014

हर एक का अपना – अपना अनुभव होता है , जिंदगी में पर सुकून मिलता है सभी को , जाड़े की कच्ची धूप में बहुत सुन्दर कविता हर पंक्तियां एक से बढ़कर एक !

ASHISH RAJVANSHI के द्वारा
November 30, 2014

nice

vandana singh के द्वारा
November 30, 2014

धन्यवाद ASHISH RAJVANSHI ji

vandana singh के द्वारा
November 30, 2014

आभार jlsingh ji

एल.एस. बिष्ट् के द्वारा
December 1, 2014

हर एक का अपना – अपना अनुभव होता है , जिंदगी में पर सुकून मिलता है सभी को , जाड़े की कच्ची धूप में…………….बहुत सुंदर कविता ।मन को कहीं छूती है । बधाई

vandana singh के द्वारा
December 1, 2014

धन्यवाद एल.एस. बिष्ट् जी


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